
देखा, पहले ही कहा था न मैंने?
सो जाएगा यह ज़माना,
बादल फिर पूरी दुनिया घूमकर आएंगे
जब बरसों बाद वही लोग याद आएंगे
तो एहसास होगा के बस
पृथ्वी ने एक चक्कर काटी हैं।
वही यादें बूंदों की तरह सूख जाती हैं
और कहीं बादल छाए, तो फिर बरसती हैं।
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देखा, पहले ही कहा था न मैंने?
सो जाएगा यह ज़माना,
बादल फिर पूरी दुनिया घूमकर आएंगे
जब बरसों बाद वही लोग याद आएंगे
तो एहसास होगा के बस
पृथ्वी ने एक चक्कर काटी हैं।
वही यादें बूंदों की तरह सूख जाती हैं
और कहीं बादल छाए, तो फिर बरसती हैं।
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